Wednesday, 4 January 2017

नववर्ष


मिले तुझे नववर्ष में यह उपहार , रहे तेरी जिन्दगी गुलज़ार  

यूँ तो तुझे चाहत नहीं है , इस चमकती दमकती
चीज़ों  की 

पर चमके तेरा चेहरा खुशियों से बार बार 

जैसे बीता वर्ष छूट गया पीछे , तू भी छोड़
दे अपनी जिद के सलीके 

आ नए साल में एक  ऐसा जश्न मनाये , हम कौन
है क्या है इसे बस भूल जाए .....


By 
Kapil Kumar 
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