Sunday, 3 January 2016

इम्तिहान

तुझे तो बस चाहिए बहाना, मुझसे दूर जाने का 

तेरा इरादा ही नहीं  था , कभी मेरे करीब आने का 

देती रही मुझे झूठे दिलासे , आने वाले हसींन कल का

शायद तुझे पहले से पता था , क्या हाल है मेरे मुस्तक़बिल  का ....... 

पर मेरी मोहब्बत को यूँ इम्तिहान ना लेना 

मैं भी हूँ सच्चा आशिक , कोई यूँही ना समझना 

तुझे एक  दिन, तेरे ही इरादों से ही तुझे चुरा लूँगा ........ 

By
Kapil Kumar 
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